“जिंदगी छोटी है। समय क्षणभंगुर है। स्वयं को जाने। हृदय की पवित्रता ईश्वर का प्रवेश द्वार है। महत्वाकांक्षा त्याग और ध्यान। और अच्छा बनो; अच्छा करो। दयालु रहों; उदार बनो। अपने आप से पूछो कि आप कौन हो।”

“मैं ब्रह्मांड में एकता की भावना देखता हूं। अध्यात्म केवल एक धर्म तक सीमित नहीं है। इसे विभिन्न धर्मों में अनुभव किया जा सकता है। मैं अद्वैत के दर्शन और एकता के दर्शन पर मोहित हूं। हमें इस भ्रम को दूर करना होगा कि ईश्वर हमसे अलग है।”