“इतिहास गवाह है कि जहां नैतिकता और अर्थशाश्त्र के बीच संघर्ष होता है, वहां जीत हमेशा अर्थशाश्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल ना लगाया गया हो।”

“विचार, एक व्यक्ति, संस्था और एक देश को प्रगति की और ले जाता है, विचार न करना एक रूकावट है| ज्ञान, विना कोशिश के व्यर्थ और बेतुका है| आपका ज्ञान और कोशिश विपत्ति को समर्धि में बदल देती है|”

“जिंदगी छोटी है। समय क्षणभंगुर है। स्वयं को जाने। हृदय की पवित्रता ईश्वर का प्रवेश द्वार है। महत्वाकांक्षा त्याग और ध्यान। और अच्छा बनो; अच्छा करो। दयालु रहों; उदार बनो। अपने आप से पूछो कि आप कौन हो।”

“ध्यान केंद्रित करने की मानसिक क्षमता सभी के लिए अंदर है; यह असाधारण या रहस्यमय नहीं है। ध्यान कुछ ऐसा नहीं है जो कोई योगी आपको सिखाएं; आपके पास पहले से ही विचारों को बंद करने की क्षमता है।”